राजनीति (Politics) और राजनीतिक सिद्धांत (Political Theory) क्या है? अर्थ, परिभाषा, महत्व, प्रासंगिकता और कार्य क्षेत्र

राजनीति (Politics) और राजनीतिक सिद्धांत (Political Theory) क्या है? अर्थ, परिभाषा, महत्व, प्रासंगिकता और कार्य क्षेत्र

राजनीति का अर्थ

राजनीति को लेकर अलग-अलग लोगों के अलग-अलग विचार होते है जैसे:-

विद्वानों के अनुसार:- राजनीति एक संभावित कला है जहां सब कुछ संभव है
नेताओं के अनुसार:- राजनीति एक प्रकार की समाज सेवा है
राजनीति से संबंधित कुछ लोगाे के अनुसार (पत्रकार):- राजनीति एक प्रकार का दावपपेंच या समझौते की कला है
जनता के अनुसार:- घोटाला, भ्रष्टाचार और सत्ता का खेल ही राजनीति है

"राजनीति" को अंग्रेजी में “Politics” कहते हैं और “Politics” शब्द की उत्पत्ति ग्रीक शब्द “Polis” से हुई है अंतः प्राचीन यूनान मे “Polis” का अर्थ नगर राज्य था और इन्हीं नगर राज्य मे लोगों द्वारा की गई गतिविधियों को “Politics” कहा जाता था

यूनानी विचारक अरस्तू ने अपने ग्रंथ का नाम "पॉलिटिक्स" रखा था जिसमें उन्होंने सबसे पहले राज्य और शासन संबंधी विषयों पर चर्चा की थी इसलिए अरस्तू को "राजनीति का जनक” भी कहा है

सरल शब्दों मे राजनीति:- राजनीति दो शब्दों से मिलकर बना है राज+नीति (राज मतलब शासन और नीति मतलब उचित कार्य करने की कला) अर्थात् राज्य (सरकार/शासन) द्वारा शासन करना ही राजनीति है।

राजनीति की परिभाषाएं

प्लेटो और अरस्तू के अनुसार:- प्रत्येक वह चीज जिससे समाज प्रभावित होता है वह राजनीतिक है

चाणक्य के अनुसार:- राजनीति अर्थशास्त्र (भूमि, रक्षा, उन्नति आदि से संबंधित शिक्षा) है

गार्नर के अनुसार:- राजनीति शास्त्र राज्य से आरम्भ होता है तथा राज्य पर समाप्त होता है।"

गेटल के अनुसार:- राजनीति राज्य के अतीत, वर्तमान तथा भविष्य का अध्ययन है।"

राजनीति की आवश्यकता क्यों ?

1 समाज के सदस्यों के बीच सामंजस्य बनाने के लिए
2 समाज के विवादों, हिंसा और संघर्षों काे रोकने के लिए
3 समाज की समस्याओं का समाधान करने के लिए
4 समाज में शासन व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने के लिए

अधिकांश विचारको ने राज्य व शासन से संबंधित विषयों के अध्ययन के लिए राजनितिक विज्ञान शब्द का प्रयोग किया है अंतः फ्रेंच लेखक “जीन बोदा” ने सबसे पहले 'राजनीतिक विज्ञान' शब्द का प्रयोग कानून, संविधान, शासन, नागरिकता, संप्रभुता आदि का वर्णन करने के लिए किया था

राजनीतिक सिद्धांत का अर्थ

सिद्धांत का अर्थ:- सिद्धान्त शब्द की उत्पत्ति यूनानी शब्द “थ्योरियो” से हई है। “थ्योरियो” का अर्थ है मनन की अवस्था या चिन्तन की स्थिति। अंतः जब हम किसी भी तथ्य (topic) को समझने के लिए उस तथ्य पर मनन (विचार) करते हैं तो उसे सिद्धान्त कहा जाता है।

राजनीतिक सिद्धांत "राजनीति" से संबंधित सिद्धांत है और यह राजनीतिक मुद्दों से संबंधित ज्ञान है क्योंकि इसमे राजनीतिक मुद्दों से संबंधित अध्ययन किया जाता है

राजनीतिक सिद्धांत मे राजनीतिक मुद्दों की तलाश (पहचान) की जाती है, उन मुद्दों का विश्लेषण (जाच-पड़ताल) करके उन से संबंधित सिद्धांत (solution) का निर्माण किया जाता है

आधुनिक समय मे राजनीतिक सिद्धांत का अर्थ “सत्ता के लिए संघर्ष की गतिविधियां” से संबंधित है

राजनीतिक सिद्धांत का उद्देश्य:- प्लमनाज के अनुसार राजनीतिक शब्द का विश्लेषण और स्पष्टीकरण ( explain करना राजनीतिक सिद्धांत का उद्देश्य है

राजनीतिक सिद्धांत एक प्राचीन विषय है परंतु इसमें समय-समय पर बदलाव हुए हैं क्योंकि अनेक विचारकों ने अलग-अलग समय पर अपने-अपने समाज की राजनीतिक समस्याओं का समाधान करने के लिए अलग-अलग विचार दिए हैं

राजनीतिक सिद्धांत की परिभाषा

1. सेबाइन के अनुसार:- राजनीतिक सिद्धांत का अर्थ उन सब बातों से है जो राजनीति से संबंधित है

2. बल्हम के अनुसार:- राजनीतिक सिद्धांत राजनीति के विषय वस्तु (topics) की व्याख्या है और आदमी के लिए संसार को समझने की एक वैचारिक संरचना है

3. हैल्ड के अनुसार:- राजनीतिक सिद्धांत राजनीतिक जीवन की अवधारणाओं और सिद्धांतों का बना हुआ जाल है

4. एनडू हेकर के अनुसार:- राजनीतिक सिद्धांत एक तरफ अच्छे समाज और राज्य से संबन्धित नियमों की खोज करता है दूसरी तरफ ये राजनीतिक और सामाजिक वास्तविकता का ज्ञान है

5. जार्ज कैटलीन के अनुसार:- राजनीतिक सिद्धांत राजनीतिक विज्ञान और राजनीतिक दर्शनशास्त्र दोनों का मिश्रण है

राजनीतिक सिद्धांत की विषय-वस्तु एवं कार्य क्षेत्र

राजनीतिक सिद्धांत की विषय वस्तु में समय-समय पर बदलाव आता रहा है क्योंकि 18वीं शताब्दी के प्रारंभ में राजनीतिक सिद्धांत के तहत मनन किया जाता था कि राज्य एवं सरकार का रूप कैसा हो और उन्हें क्या-क्या कार्य सौपे जाएं, 19वीं शताब्दी में राजनीतिक सिद्धांतो को संस्थाओं की संरचना से संबंधित शास्त्र (study) माना जाता था, 20वीं शताब्दी में राजनीतिक सिद्धांत एक वैज्ञानिक अध्ययन बन गया है

राजनीतिक सिद्धांत की विषय सूची में निम्नलिखित का अध्ययन किया जाता है:-

1 मानव व्यवहार का अध्ययन
2 नीतियों का अध्ययन
3 अंतरराष्ट्रीय संबंधों का अध्ययन
4 उन सभी गैर राजनीतिक तथ्यों का अध्ययन करना जिनका राजनीति पर प्रभाव पड़ता है या जो राजनीति से प्रभावित होते हैं
5 राज्य का अध्ययन (अतीत, वर्तमान, भविष्य, लक्ष्य और कार्यपद्धती)
6 राजनीतिक गतिविधियों का अध्ययन
7 समस्या और संघर्षों का अध्ययन
8 चयन और निर्णय प्रक्रिया का भी अध्ययन करना
9 राजनीतिक गतिविधियों का संचालन करने वाले कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधियों का अध्ययन करना
10 सरकार का अध्ययन (अंग, उद्देश्य, अंगों के बीच संबंध, स्वरूप तथा प्रवृत्ति)
11 आधुनिक (modern) राजनीतिक मुद्दों का अध्ययन (मानव अधिकार, नारीवाद, पर्यावरण, विकास)

राजनीतिक सिद्धांत का महत्व ( Importance ) / विशेषताए / प्रासंगिकता

1 राजनीतिक सिद्धांत राज्य और सरकार की प्रकृति तथा उद्देश्यों का क्रमबद्ध ( Step by Step ) ज्ञान उपलब्ध करवाते हैं

2 राजनीतिक सिद्धांत वाक्यों (बातो) का जाल नहीं है अपितु शुद्ध ज्ञान का भंडार है इसलिए राजनीतिक सिद्धांत ज्ञान की प्राप्ति का अनोखा तरीका है तथा भावी (भविष्य के) सामाज की रुपरेखा (Guider) है

3 ये सामाजिक और राजनीतिक वास्तविकता (Reality) तथा किसी भी समाज के आदर्शों (idea / Rule) एवं उद्देश्यों से संबंध स्थापित करने में सहायता करते हैं।

4 विज्ञान के रूप में राजनीतिक सिद्धांत सत्य की खोज का एक तरीका है।

5 राजनीतिक सिद्धांत का कार्य केवल स्थिति की व्याख्या करना नहीं होता है | ये सामाजिक सुधार अथवा क्रांतिकारी (बदलाव के) तरीकों से परिवर्तन सम्बन्धी सिद्धांत भी प्रस्तुत (पेश) करते हैं।

6 राजनीतिक सिद्धांत वर्तमान (Present) को समझने के लिए अपने अतीत (History) को समझाता है और आने वाले कल की तस्वीर बनाने में सहयोग देता है

7 ये व्यक्ति को सामाजिक स्तर पर अधिकार, कर्तव्य, स्वतंत्रता, समानता, सम्पत्ति, न्याय आदि के बारे में जानकारी देता हैं।

8 राजनीतिक सिद्धांत मनुष्य में स्वम (खुद) अपनी व्यवस्था को, उसके समाज और इतिहास को समझने की क्षमता (power) को बढ़ाता है।

9 ये सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था को समझने तथा उससे संबंधित समस्याओं, जैसे गरीबी, हिंसा, भ्रष्टाचार, जातिवाद आदि के साथ जूझने के सैद्धान्तिक विकल्प (option) प्रदान करता हैं।

10 राजनीतिक सिद्धांत से मनुष्य अपने क्रियाकलाप (काम) की कमान को संभालने योग्य बन जाता है।

11 राजनीतिक सिद्धांत एक सामाजिक वास्तविकता है राजनीतिक सिद्धांत एक नीतिशास्त्र की भी भूमिका निभाता है

12 राजनीतिक सिद्धांत कर्म, सुधार, क्रांति और संरक्षण की संस्थाओ का निर्धारण (Fix) करता है।

13 राजनितिक सिद्धांत में हम मनुष्य, समाज तथा इतिहास के सिद्धांतों का अध्ययन करते हैं

राजनीतिक सिद्धांत का अध्ययन क्यों करना चाहिए ?

भविष्य मे एक नवीन विचार के लिए:- राजनीतिक सिद्धांत के विषय में विश्व के प्रसिद्ध विचारक अलग-अलग मुद्दों पर अलग-अलग विचार प्रकट करते हैं जिससे भविष्य में नवीन (नए) विचारों का समावेश होगा

राज्यो और समाज का क्रमबद्ध अध्ययन के लिए:- राजनीतिक सिद्धांत में प्लेटो और अरस्तू के समय से लेकर वर्तमान समय तक बहुत राज्य और सामाजिक का अध्ययन किया गया है जिससे राज्य और समाज के क्रमबद्ध अध्ययन मे बहुत सहायता मिली है

सामाजिक और राजनीतिक अधिकारों एवं कर्तव्य की जानकारी के लिए:- राजनीतिक सिद्धांत समाज के नागरिकों को उसके सामाजिक और राजनीतिक अधिकारों एवं कर्तव्याे से भी जागरूक करवाता है क्योंकि राजनीतिक सिद्धांत में हमें स्वतंत्रता, समानता, संपत्ति, न्याय और राज्य के बारे में वर्णन देखने को मिलता है

उच्च कोटि के बौद्धिक प्रयास हेतु:- राजनीतिक सिद्धांत में समय-समय पर बुद्धिजीवियों ने अपने बुद्धि और ज्ञान का इस्तेमाल करके बहुत सारी सामाजिक और राजनीतिक समस्याओं का समाधान किया है जिसके कारण समय के अनुसार यह बौद्धिक प्रयास बढ़ता जाता है

स्वतंत्रता, समानता, सम्पत्ति, न्याय आदि की जानकारी के लिए:- राजनीतिक सिद्धांत में हमें केवल राज्य या समाज के बारे में जानकारी देखने को नहीं मिलती बल्कि स्वतंत्रता, समानता, संपत्ति, न्याय आदि जैसे मुद्दों पर भी हमें जानकारी देखने को मिलती है

राजनीतिक तर्क का निर्माण और परीक्षण के लिए:- राजनीतिक सिद्धांत में राजनीतिक मुद्दों का तार्किक वर्णन और परीक्षण किया जाता है

सामाजिक और आर्थिक समस्याओ के समाधान के लिए:- राजनीतिक सिद्धांत में आर्थिक और सामाजिक समस्याएं जैसे गरीबी, बेरोजगारी, हिंसा, भ्रष्टाचार आदि के समाधान का भी वर्णन किया जाता है जिन्हें अपना कर कोई भी समाज इन सारी समस्याओं से छुटकारा पा सकता है

संकल्पनाओ का स्पष्टीकरण के लिए:- राजनीतिक सिद्धांत में लोकतंत्र, समानता, न्याय, नारीवाद, पितृसत्तात्मकता, मार्क्सवाद, उदारवाद, पूंजीवाद आदि संकल्पनाओं का स्पष्ट वर्णन किया गया है जिससे कोई भी व्यक्ति राजनीतिक सिद्धांत के अध्ययन से इन संकल्पनाओ का स्पष्ट अर्थ समझ सकता है

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1.What is politics? Discuss with reference to theorizing the political.
राजनीति क्या है? रानजीति के सैद्धांतिकरण के संदर्भ में विवेचना कीजिए ।

OR/अथवा

2.What is the difference between political theory and social theory and what is its relevance?
राजनीतिक सिद्धांत तथा सामाजिक सिद्धांत में अंतर क्या है और इसकी प्रासंगिकता क्या है?

OR/अथवा

3.What is politics? Why do we study it?
राजनीति क्या है? हम इसका अध्ययन क्यों करते हैं?

OR/अथवा

4."Politics brings about conciliation of interests." Explain this statement in reference to the meaning and nature of politics.
राजनीति हितों के समन्वय की प्रक्रिया है ।" इस कथन को राजनीति के अर्थ एवं प्रकृति के संदर्भ में समझाइये।

OR/अथवा

5.Identify some of the important features of Political theory.
राजनीतिक सिद्धांत की कुछ प्रमुख विशेषताओं की पहचान कीजिये।

OR/अथवा

6.Briefly explain the different meanings of political theory?
राजनीतिक सिद्धांत के विभिन्न अर्थों को संक्षेप में बताएँ?

OR/अथवा

7.Defing the concepts of political theory. Discuss its relevance in political science.
राजनीति सिद्धांत को परिभाषित कीजिए। इसके प्रासंगिकता की विवेचना कीजिए।

OR/अथवा

8.What is meant by political theory?
राजनीतिक सिद्धान्त से क्या अभिप्राय है?

Full Explanation Video On Youtube (Shrivastav Classes)

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